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Taj Mahal
Taj Mahal

ताजमहल- प्यार की एक निशानी या सिर्फ़ इमारत का एक टुकड़ा?

ताजमहल भारत के उत्तर प्रदेश के एक शहर आगरा में यमुना तट पर स्थित एक हाथीदांत-सफेद संगमरमर का एक मकबरा हैं|
1632 में यह मकबरा मुगल सम्राट शाहजहां ने अपनी पसंदीदा बेगम मुमताज महल के लिए बनवाया था।

Taj Mahal, Agra, UP, India
Taj Mahal, Agra, UP, India

वह मकबरा 17-हेक्टर में फेला हुआ है और इस मकबरे के अंदर एक मस्जिद और टीम गेस्ट हाउस है और इसके तीन दीवारें एक सामाजिक उद्यान से सटीक है।

मकबरे को बनाने में 10 साल लगे और मकबरा की कारीगरी 1642 में पूरी हुई| ताजमहल को 1983 में यूनेस्को की विश्व विरासत स्थल के रूप में घोषित किया गया।

Construction at Taj Mahal
Construction at Taj Mahal

मुगलों का सबसे पसंदीदा शहर आगरा था और इसीलिए उन्होंने दिल्ली से पहले आगरा को अपनी राजधानी बनाई| इतिहास के हिसाब से 1503 में इब्राहिम लोदी ने इस शहर को बसाया था।

जब इस शहर को का निर्माण हुआ तो किसी ने शायद इस चीज के बारे में सोचा भी नहीं होगा कि आगरा पूरे विश्व भर में अपने मकबरे के लिए मशहूर होगा।

ताजमहल के निर्माण से 6 महीने पहले ही 37 दक्ष कारीगरों को ढूंढा गया और उसमें से 20000 कार्यक्रमों ने मिलकर ताजमहल का निर्माण किया।


ताजमहल के निर्माण में कहीं सारे पत्थर, रत्न बगदाद, इजिप्ट, रूस, ईरान, अफगानिस्तान, इस्तानबुल, तिब्बत इन सारे जगहों से कीमती पत्थर खरीदे गए और ताजमहल का निर्माण किया गया।

शाहजहां ने मुमताज महल से उनकी खूबसूरती से प्रेरित होकर शादी की और मुमताज महल शाहजहां की पसंदीदा बीवी थी और वह उन्हें इतनी पसंद आने लगी कि वह उन्हें एक पल के लिए भी अकेला नहीं छोड़ते थे और अगर वह कामकाज के लिए भी कहीं बाहर जाते तो मुमताज को साथ लेकर जाते थे और राजकाल की सारी चीजें मुमताज़ महल से बात करने के बाद ही फैसला लेते थे और मुमताज की मुहर लगे बिना कोई भी शाही फरमाना जारी नहीं करते थे।

1531 ईस्वी में जब मुमताज ने अपनी 14वी संतान को जन्म दे रही थी तो कोई प्रसव पीड़ा की वजह से उनकी मौत हो गई और उसी कारण मुगल शाहजहां अंदर से टूट चुका था और अपने प्यार को अमर और जिंदा रखने के लिए उन्होंने मुमताज का मकबरा यानी कि ताजमहल बनवाया और इसीलिए ताजमहल प्यार और मोहब्बत की निशानी माना जाता है।

मुगल बादशाह की मोहब्बत और प्यार की निशानी को ताजमहल कहां जाता है और यह विश्व भर में मशहूर है जब हम सर उठाकर ताजमहल की दीवारें और उसमें जड़े पत्थरों को देखते हैं, पत्थरों की कारीगरी को देखते हैं, तो हमारी आंखें चौक ही रह जाती है क्योंकि ताजमहल का काम सच में प्रशंसा लायक है।

ताज महल और यमुना नदी
ताज महल और यमुना नदी

यमुना नदी के किनारे स्थित यह ताजमहल देश-विदेश में बहुत मशहूर है। बच्चे से बूढ़ा इस प्रेम कहानी और ताजमहल के पीछे की कहानी को जानता है| ताजमहल मुगल शाहजहां ने अपनी दूसरी बेगम मुमताज महल की याद में बनवाया था और ऐसा कहा जाता है कि पर्यटन पर्यटनो की भीड़ यहां पर गर्मी हो या सर्दी लगी रहती है।

यही कारण है कि इस निर्माण के इतने सालों बाद भी यह निर्माण दुनिया के सात आस्ह्चर्य्जनक अजूबों में से एक है।

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