उन्नाव रेप केस : पीड़ित लड़की को एयर एम्बुलेंस से दिल्ली लाकर एम्स में भर्ती किया गया है

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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पीड़िता के परिवार के अनुरोध पर यह आदेश दिया की पीड़िता को बेहतर इलाज के लिए उसे लखनऊ से दिल्ली के एम्स में भर्ती किया जाये । शाम होते होते पीड़िता को एयर एम्बुलेंस से दिल्ली लाकर एम्स में भर्ती किया गया है । केजीएमयू के डॉक्टरों के मुताबिक, हादसे के 8 दिन बाद पीड़िता की हालत में मामूली सुधार आया है। अब वह कमांड को फॉलो कर रही और आंख खोलकर बातों को समझ रही है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा है की अगर वकील का परिवार भी अगर उसे शिफ्ट करना चाहते है तो कोर्ट आके सम्पर्क कर सकते है । वही दूसरी तरफ आज आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर और उसकी सहयोगी शशि सिंह को कोर्ट में तीस हजारी कोर्ट में पेश किया गया । अब रेप के मामले में आरोप तय करने के लिए सात अगस्त को बहस होगी । सेशन जज धर्मेश शर्मा ने दोनों आरोपियों को तिहाड़ जेल में रखने का आदेश दिया है। वही आरोपी विधायक ने सीतापुर जेल से दिल्ली जाते समय मीडिया कर्मियों को बोला की ये मेरे खिलाफ राजनीतिक साजिश है ।

सीबीआई ने आरोपी विधायक तथा उसके सहयोगियों के ठिकानो पर ताबड़तोड़ छापेमारी करी है , वही ट्रक की एक फोटो भी सामने आयी है की टोल टैक्स देते समय की है सीबीआई ने टोल प्लाजा से वो cctv फुटेज अपने कब्जे में ले ली है . वही इस केस में ट्रक के फाइनेशर का कहना है की उसने किसी भी प्रकार का कोई दबाव नहीं डाला क़िस्त के लिए , केवल एक बार क़िस्त नहीं जमा करी थी बाद में वो भी जमा कर दी गयी थी वही मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रक का मालिक सपा से नहीं शिवपाल सिंह की पार्टी से जुड़ा हुआ है । वही कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी कहा जा रहा है की आरोपी विधायक ने अपने रसूख के चलते आरोपी विधायक और उसके भाई ने आईपीएस अफसर के सीने पर गोलिया चलायी थी और उसकी जाँच दबा दी थी । उत्तर प्रदेश कैडर के एक आईपीएस अधिकारी राम लाल वर्मा पर 'सेंगर बंधुओं' ने कभी चार गोलियां दाग दी थीं, जो उनके सीने और पेट में लगी थीं उत्तर प्रदेश में खासा रसूख रखने वाले सेंगर बंधुओं ने आईपीएस अफसर वर्मा पर जानलेवा हमले के अहम दस्तावेज न सिर्फ गुम करवा दिए, बल्कि मामले की सुनवाई वर्षो तक टलवा दी. साल 2004 में बतौर पुलिस अधीक्षक वर्मा ने जब उन्नाव के एक अवैध खनन स्थल पर दबिश दी थी, उस दौरान कुलदीप सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) के छोटे भाई अतुल सेंगर और उसके गुर्गे ने उन्हें गोली मार दी थी.

भाजपा से निष्कासित विधायक और उन्नाव दुष्कर्म मामले के मुख्य आरोपी कुलदीप सेंगर ने उन दिनों ऐसा राजनीतिक दबाव बनाया था कि थाने से महत्वपूर्ण केस डायरियां चोरी हो गईं. यही वजह है की इस मामले की सुनवाई 15 साल बाद भी शुरू नहीं हो पायी है , कई तरह की सर्जरी और महीनों अस्पताल में भर्ती रहे आईपीएस अधिकारी राम लाल वर्मा की जान संयोगवश बच गई. आखिरकार कई गोलियों से उन्हें मिले जख्म भर गए. उस नृशंस हमले को याद करते हुए वर्मा ने कहा कि उन्हें उन्नाव में गंगा किनारे माफिया गिरोह द्वारा करवाए जा रहे अवैध रेत खनन के बारे में गुप्त सूचना मिली थी. जब वह खनन स्थल पर पहुंचे तो अतुल सेंगर और उसके गर्गे ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी. वर्मा ने कहा, "मुझे चार गोलियां मारी गईं (छाती के पास और पेट में). मेरी किस्मत अच्छी थी कि मुझे समय पर एक अस्पताल ले जाया गया. उस गोलीबारी में कुलदीप सेंगर, भाई अतुल और उनके कई गुर्गे शामिल थे." वर्मा के बैच मित्र ने आगे खुलासा किया कि राज्य में रेत खनन का धंधा चलानेवालों पर प्रभुत्व रखनेवाले सेंगर के खिलाफ कार्रवाई करने से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तक डरते हैं. पुलिस रिकार्ड से पता चलता है कि अतुल सेंगर के खिलाफ उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की बेरहमी से हत्या सहित कई भयानक आपराधिक मामले दर्ज हैं. हाल यह है कि लोकायुक्त ने सेंगर के खिलाफ 125 करोड़ के खनन घोटाले की जांच के जो आदेश दिए हैं, उसे भी अधिकारियों द्वारा दबाया जा रहा है. आईजी रैंक के एक अधिकारी ने नाम जाहिर न करने का आग्रह करते हुए बताया, "कुलदीप सेंगर जातीय राजनीति करनेवाले नेताओं के अत्यंत प्रभावशाली गुट के हिस्सा हैं. इसी नाते वह हर शासनकाल में शक्तिमान रहे हैं, राजनीतिक विचारधारा उनके लिए कोई मायने नहीं रखता. अधिक जानकारी के लिए ऊपर दिए गए लिंक से भी पढ़ सकते है ।